भागलपुर, फरवरी 18 -- -प्रस्तुति: रणजीत कुमार ठाकुर/प्रवीण कुमार धरहरा प्रखंड अंतर्गत बंगलवा पंचायत में स्थित सतघरवा जलाशय कभी इस इलाके की खेती की रीढ़ माना जाता था। बंगलवा, सराधी, करैली, खोंपापर, कैथवन, लरैयाटांड़ और सखौल जैसे 50 से 60 गांवों की सैकड़ों एकड़ भूमि इसी जलाशय और उसकी नहरों से सिंचित होती थी। लेकिन, वर्षों से रखरखाव के अभाव, डीसिल्टिंग न होने और नहरों की बदहाली ने इसकी उपयोगिता को लगातार कम कर दिया है। आज स्थिति यह है कि, बरसात के मौसम में जलाशय भर तो जाता है, लेकिन नहरों में भारी गाद जमा होने और कई स्थानों पर संरचनाएं टूट जाने से पानी खेतों तक नहीं पहुंच पाता। गाद जमाव के कारण जलधारण क्षमता घट चुकी है, जिससे शुरुआती महीनों में ही पानी बेकार बह जाता है। परिणामस्वरूप किसानों को समय पर सिंचाई नहीं मिल पाती और फसल चक्र प्रभावित ...
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