भागलपुर, मई 8 -- खेल केवल शारीरिक दक्षता एवं स्वास्थ्य का ही माध्यम नहीं है, बल्कि युवा सशक्तीकरण का भी एक अहम साधन है। खेल मैदानों की भूमिका युवाओं को अनुशासन, आत्मविश्वास और भविष्य की दिशा देने में महत्वपूर्ण होती है। लेकिन जब इन्हीं मैदानों की हालत बदहाल हो, बुनियादी सुविधाएं नदारद हों, तो मेहनत करने वाले युवाओं का उत्साह भी टूटने लगता है। कुछ ऐसा ही हाल है संग्रामपुर नगर पंचायत के चंदनिया गांव में स्थित उस मैदान का, जहां सैकड़ों युवा प्रतिदिन प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए शारीरिक दक्षता की तैयारी करने आते हैं। ऐसे में यहां के खिलाड़ियों की समस्याओं को लेकर उनके साथ मैदान पर ही संवाद किया गया। इस दौरान खिलाड़ियों ने अपनी समस्याएं बताईं। 01 ही मैदान है संग्रामपुर नगर पंचायत क्षेत्र में 05 एकड़ में फैला हुआ है मैदान, नहीं हैं सुविधाएं 10 वा...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.