भागलपुर, नवम्बर 19 -- - प्रस्तुति: गौरव कुमार मिश्रा मुंगेर में फूल उत्पादन की संभावनाएं बेहद विस्तृत हैं, लेकिन सुविधाओं की कमी और सरकारी तंत्र की उपेक्षा ने इस क्षेत्र को सीमित कर दिया है। स्थानीय किसानों व माली समाज का मानना है कि आवश्यक सहारा मिलने पर फूलों की खेती न केवल उनकी आय बढ़ा सकती है, बल्कि जिले की अर्थव्यवस्था को भी नई दिशा दे सकती है। फूलों की खेती को संगठित उद्योग का दर्जा दिया जाए और सरकार सही दिशा में पहल करे, तो यह ग्रामीणों के लिए स्थायी रोजगार का बड़ा केंद्र बन सकता है। इस क्षेत्र को बढ़ावा देने से न केवल रोजगार के अवसर बढ़ेंगे, बल्कि जिले की आर्थिक स्थिति में भी सुधार आएगा। मुंगेर की पहचान केवल अपने ऐतिहासिक और प्राकृतिक वैभव से नहीं, बल्कि पारंपरिक फूलों की खुशबू से भी रही है। यहां की उपजाऊ मिट्टी और अनुकूल मौसम दशक...
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