भागलपुर, नवम्बर 14 -- -प्रस्तुति: गौरव कुमार मिश्रा मुंगेर जिले के धरहरा प्रखंड स्थित बाहचौकी और चौर बीघा मौजा के किसान आज भी अनेक कठिनाइयों के बीच खेती करने को विवश हैं। लगभग 2500 एकड़ भूमि में फैले इस क्षेत्र में खेती की स्थिति बाढ़, बिजली और वन्यजीवों की मार से प्रभावित है। यहां की अधिकांश भूमि छह महीने बाढ़ के पानी में डूबी रहती है, जिससे साल में केवल तीन महीने ही खेती हो पाती है। सीमित बिजली आपूर्ति, असमान बिल वसूली, खाद की कालाबाजारी और नीलगाय द्वारा फसलों की क्षति ने किसानों की कमर तोड़ रखी है। सरकारी योजनाओं और सहायता के बावजूद किसान आर्थिक रूप से लगातार संकट में हैं। धरहरा प्रखंड के बाहाचौकी और चौर बीघा मौजा की पहचान उपजाऊ भूमि के रूप में रही है, लेकिन आज यह क्षेत्र समस्याओं से घिरा हुआ है। यहां की कुल लगभग 2500 एकड़ भूमि में केव...
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