भागलपुर, फरवरी 7 -- -प्रस्तुति: रणजीत कुमार ठाकुर/अमरेंद्र कुमार झा नौवागढ़ी उत्तरी पंचायत अंतर्गत चड़ौन गांव, जिसकी आबादी लगभग 5,000 और मतदाता करीब 3,500 हैं, आज बुनियादी समस्याओं के मकड़जाल में उलझा हुआ है। वर्षों से चली आ रही उपेक्षा के कारण गांव की स्थिति लगातार बदतर होती जा रही है। बाढ़, जर्जर सड़क-पुल, अधूरी योजनाएं और कथित भ्रष्टाचार ने गांव के विकास को लगभग ठप कर दिया है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो आने वाले दिनों में हालात और भी गंभीर हो सकते हैं। ग्रामीणों के अनुसार, चड़ौन गांव हर वर्ष बाढ़ की चपेट में आ जाता है। बाढ़ का सीधा असर खेती और ग्रामीणों की आजीविका पर पड़ता है। रामगढ़ और चड़ौन के बीच बहने वाली पिपरदह नदी तथा रामगढ़-चड़ौन मार्ग पर लगाए गए जलकरों के कारण जलनिकासी बाधित हो जाती है। इसका न...