भागलपुर, फरवरी 19 -- -प्रस्तुति: रणजीत कुमार ठाकुर/प्रवीण कुमार धरहरा प्रखंड को जिला मुख्यालय से जोड़ने वाला शरथपुर रेलवे फाटक आज क्षेत्र की सबसे गंभीर समस्याओं में से एक बन चुका है। यह मार्ग धरहरा और आसपास के दर्जनों गांवों के लिए जीवनरेखा की तरह है। प्रतिदिन लगभग दस हजार से अधिक छोटे-बड़े वाहन-बस, ट्रक, ऑटो, बाइक, निजी कार और स्कूल वैन इसी रास्ते से होकर गुजरते हैं। जैसे ही ट्रेन के आगमन की सूचना मिलती है और रेलवे फाटक बंद होता है, कुछ ही मिनटों में सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग जाती है। यह कतार कई बार दशरथपुर बाजार तक पहुंच जाती है। हालांकि फाटक बंद रहने की अवधि सामान्यत कुछ मिनटों की होती है, लेकिन वाहनों की भारी संख्या और अव्यवस्थित यातायात के कारण जाम खुलने में आधे घंटे से लेकर एक घंटे तक का समय लग जाता है। इस दौरान मुख्य ...