मिर्जापुर, जून 21 -- गंगा मां हैं, यह बात सभी जानते हैं, लेकिन जो वास्तव में उन्हें मां मानकर सेवा में जुटे हैं, वे हैं गंगा प्रहरी। साधन-संसाधन न सुविधाएं, फिर भी हर दिन गंगा की सेवा में लगे हैं। बदले में न पहचान, न सुरक्षा। उन्हें दो जून रोटी की चिंता सता रही है। ये बिना हथियार वाले सिपाही हैं, जो गंगा की लगातार सेवा कर रहे हैं। इन प्रहरियों का कहना है कि अगर उन्हें उपकरण, प्रशिक्षण मिले, जीवनयापन के लिए मानदेय भी तो वे और मन लगाकर गंगा स्वच्छता में जुटेंगे। गंगा प्रहरी, जो गंगा नदी की स्वच्छता और जैव विविधता के संरक्षण के लिए काम करते हैं। उनका काम बहुत महत्वपूर्ण है। इसमें समय और ऊर्जा की आवश्यकता होती है। जिले में 150 से अधिक गंगा प्रहरियों का संघर्ष सिर्फ नदी की गंदगी से नहीं, बल्कि सिस्टम की बेरुखी से भी है। विडंबना है कि जो लोग गं...
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