मथुरा, सितम्बर 22 -- वृंदावन की रामलीला मंडलियां देशभर में अपना नाम कर रही हैं। यहां के कलाकार अपनी निष्ठा और भक्ति से रामलीला का ऐसा मंचन करते हैं जो दर्शकों को रामकथा के युग में ले जाता है। यहां की मंडलियां रासलीला और रामलीला दोनों में पारंगत हैं। यहां की रामलीला और रासलीला ने कई बड़े नाम दिये हैं। स्वामी रामस्वरूप शर्मा और स्वामी हरगोविंद पद्मश्री से सम्मानित थे। ये दोनों अब दुनिया में नहीं हैं लेकिन इनके नाम आज भी सम्मानपूर्वक लिये जाते हैं। रासाचार्यों का कहना है कि रामलीला केवल मनोरंजन नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति, परंपरा और धर्म की आत्मा है, जिसे बचाए रखने के लिए गंभीर प्रयास होने चाहिए। पूरे भारतवर्ष में इस समय रामलीला मंचन हो रहा है। भगवान की राम की कथा को मंचन द्वारा सजीव किया जा रहा है। देश के कोने- कोने में रामलीला महोत्सव आयोजि...
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