मथुरा, जनवरी 12 -- भारत की समृद्ध सांस्कृतिक परम्पराओं में लोहड़ी का पर्व उल्लास, आस्था और परिश्रम का अनुपम संगम है। सर्दी के अंतिम दौर में मनाया जाने वाला लोहड़ी का त्योहार नई फसल के स्वागत और प्रकृति के प्रति कृतज्ञता प्रकट करने का अवसर देता है। अग्नि, सूर्य उपासना और लोक परंपराओं से जुड़ा लोहड़ी का उत्सव समाज में खुशहाली, एकता और सकारात्मक ऊर्जा का संदेश देता है, जो इसे भारतीय लोक संस्कृति का एक विशेष और जीवंत पर्व बनाता है। जिले में पंजाबी समाज के लोगों में इस त्योहार को लेकर भारी उत्सुकता और उत्साह नजर आ रहा है। लोहड़ी का संबंध पंजाब और उत्तर भारत की कृषि संस्कृति से है। लोहड़ी का इतिहास हजारों वर्ष पुराना बताया जाता है। विद्वानों के अनुसार लोहड़ी का पर्व हर वर्ष 13 जनवरी को परम्परागत श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया जाता है। इसकी जड़ें वैदिक ...