मथुरा, मार्च 2 -- वृंदावन शहर के बीचो-बीच वनखंडी महादेव मंदिर से शाहजी मंदिर तक के बाजार को लोई बाजार के नाम से जाना जाता है। घनी आबादी के बीच बसा ये बाजार वृंदावन के पुराने इलाकों में शुमार है। स्थानीय लोगों के साथ-साथ देश के विभिन्न राज्यों से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए ही नहीं, बल्कि विदेशों से आने वाले सैलानियों के लिए भी यह बाजार सबसे महत्वपूर्ण माना जाता है। वृंदावन के अन्य बाजारों में खरीददारी के लिए भले ही विदेशी सैलानी आएं या न आएं, लेकिन ब्रज आगमन पर देश-विदेश से आने श्रद्धालु व पर्यटक विशेष रूप से खरीदारी करने के लिए इस बाजार में जरूर आते हैं। वृंदावन के लोई बाजार में सुबह से लेकर रात तक खरीददारों की भीड़ लगी रहती है, क्योंकि रोजमर्रा के सामानों से लेकर खानपान, कपड़ा, इलेक्ट्रॉनिक सामान, फल आदि की दुकान इस बाजार में शामिल हैं। इ...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.