एटा, अक्टूबर 27 -- श्रीकृष्ण जन्म भूमि मंदिर के पास साढ़े पांच हजार वर्ष पुराना कुबलिया पीड़ हाथी स्मारक बना हुआ है। यह वही हाथी है, जिसे द्वापर युग में मथुरा के राजा कंस ने भगवान श्रीकृष्ण को मारने के लिए मदिरापान करा कर भेजा था। श्रीकृष्ण ने जब विशालकाय हाथी का वध किया तो उसे आसमान में फेंक दिया। हाथी का शव जब जमीन पर आकर गिरा तो उसका आधा हिस्सा जमीन के अंदर धंस गया और आधा हिस्सा जमीन के बाहर रह गया। प्रत्येक वर्ष यहीं पर कुबलिया पीड़ हाथी वध मेले का आयोजन होता है। श्रीकृष्ण जन्मस्थान और मल्लपुरा के पास प्राचीन कुबड़िया पीड़ हाथी स्थल है। मेला समिति द्वारा प्रतिवर्ष यहीं पर मेले का आयोजन किया जाता है। यह पारंपरिक और ब्रज के प्राचीन मेलों में एक है, लेकिन इस मेले को आज तक पहचान नहीं मिली है। कहा जाता है कि द्वापर युग में मथुरा के राजा कंस क...