मथुरा, जनवरी 21 -- मथुरा। पूर्व में यहां मात्र एक समाधि स्थल और एक तालाब था। बृज तीर्थ विकास परिषद ने इस तालाब को तरीके से खुदवा कर चारों ओर पक्की चाहरदीवारी कराई, घाट व बुर्ज बनवाए, पशुओं के पीने के लिए अलग से घाट बनवाए लेकिन यह हीरा ताल इतना बड़ा बना दिया गया जो केवल बरसात के पानी से भर पाना लगभग नामुमकिन है। ताल से करीब डेढ़ किलोमीटर लंबी कच्ची नाली भी माइनर तक बनवाई गई, ताकि वहां से नाली द्वारा पानी आ सके पर इसकी कोई पुख्ता योजना नहीं बनाई गई। नाली कच्ची होने के कारण कुछ ही दिन में यह सिल्ट व झाड़ियों से अट जाती है। फिलहाल कई महीनों से ताल सूखा पड़ा है। नहीं है बिजली का कोई इंतजाम:हीराताल पर आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए यहां पार्क विकसित किए गए, टॉयलेट बनवाए गए, दो सबमर्सिबल लगाए गए, ताकि पेड़ पौधों और प...