प्रतापगढ़ - कुंडा, फरवरी 7 -- ग्राम पंचायतों में अभी कई मजरे ऐसे हैं जहां बिजली निगम की ओर से कनेक्शन तो दे दिए गए हैं लेकिन न पोल लगाए गए और न तार। ऐसे में उपभोक्ता बांस-बल्ली के सहारे केबल खींचकर बिजली का उपभोग कर रहे हैं। तारों के इस मकड़जाल को देखकर अनुमान लगाया जा सकता है कि यदि शार्ट-सर्किट हुआ तो उपभोक्ताओं के उपकरण फुंकने के साथ बड़ा हादसा भी हो सकता है। गांव में पेयजल की समस्या का समाधान करने के लिए 20 वर्ष पहले जलनिगम की ओर से पेयजल टंकी का निर्माण कराया गया लेकिन पेयजल की आपूर्ति कभी नहीं की गई। करोड़ों की लागत से बनी पानी की टंकी बदहाल हो चुकी है। गांव का पंचायत भवन का निर्माण भी अधूरा है। सामुदायिक शौचालय का निर्माण कराने के बाद से कभी ताला नहीं खुला। आरआरसी का निर्माण नहीं कराने से गांव के सार्वजनिक स्थलों पर कूड़े का ढेर डंप...