प्रतापगढ़ - कुंडा, दिसम्बर 7 -- लालगंज के रोहाड़ा नोरारे गांव के लोग आजादी के बाद भी पानी के लिए जर्जर हैंडपंप पर आश्रित हैं। एक ही हैंडपंप है, वह भी जर्जर हो चुका है। ऐसे में पूरे गांव को जरूरत भर का पानी उससे नहीं मिल पाता तो लोग कपड़े धुलने, नहाने व मवेशियों के लिए सई नदी से पानी ढोकर लाते हैं। इसी तरह शौचालय और नाली की कमी के चलते सफाई व्यवस्था चरमरा गई है। पेयजल, सफाई व शौचालय आदि की समस्या से निजात दिलाने की मांग कई बार लोगों ने की। लेकिन समाधान के लिए कोई पहल नहीं हो रही है। ऐसे में लोग पेयजल की भीषण समस्या के बीच किसी तरह अपनी और मवेशियों की प्यास बुझा रहे हैं। पीड़ित गांववासियों ने आपके अपने अखबार 'हिन्दुस्तान' से समस्याएं साझा करते हुए जल्द समाधान के लिए आवाज उठाई है। रोहाड़ा नोनारे गांव में 35 परिवारों के बीच एकमात्र इंडिया मार्...