बुलंदशहर, जुलाई 21 -- वेस्ट यूपी को गन्ना बेल्ट के रूप में जाना जाता है, लेकिन यहां गन्ना किसानों के सामने चुनोतियां भी बहुत हैं। किसान गन्ना चीनी मिलों को दे देते हैं लेकिन, उसका पेमेंट लटक जाता है। जिले में गन्ना किसानों का करोड़ों रुपये शुगर मिलों पर बकाया है। इसके अलावा उत्पादन में ठहराव, मूल्य नियंत्रण और अस्थिर गन्ना बाजार, पानी की कमी भी बढ़ रही है। इसका असर गन्ना उत्पादन वाले क्षेत्रों पर पड़ रहा है क्योंकि गन्ने की सिंचाई में पानी का अत्यधिक उपयोग होता है। जलवायु परिवर्तन से स्थिति और भी खराब हो रही है, जिससे गन्ने की पैदावार कम हो सकती है। वहीं गन्ने की उन्नत किस्मों की अनुपलब्धता, भूमि की तैयारी, आदानों की उच्च लागत, बीमारियों और कीटों का प्रकोप से किसान परेशान हैं। गंगा किनारे के किसान अब जैविक गन्ने की फसल लगा रहे हैं और गन्न...
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