बुलंदशहर, जनवरी 11 -- जिले में आवारा कुत्तों और बंदरों की बढ़ती संख्या एक बड़ी समस्या बन गई है। इसी के साथ आवारा कुत्तों के हमले भी बढ़े हैं। स्वास्थ्य विभाग की रिपोर्ट के अनुसार, जिले में औसतन रोजाना 274 से अधिक लोग कुत्तों के शिकार होते हैं। यह आंकड़े केवल सरकारी अस्पतालों में दी जाने वाली एंटी रैबीज वैक्सीन (एआरवी) के हैं। एआरवी की खपत 350 से अधिक है, लेकिन यह माना जाता है कि लगभग 100 मरीज फॉलोअप के लिए आते हैं। नगर पालिका की रिपोर्ट के अनुसार, 2019 के सर्वे में आवारा कुत्तों की संख्या 75 हजार थी, जो अब बढ़कर 1.25 लाख हो गई है। इसके साथ ही बंदरों की संख्या भी तेजी से बढती जा रही है। शहर के मोती बाग, यमुना पुरम और चौधरी कंपाडंड में हर रोज बंदर हमलावर हो रहे हैं। देहात क्षेत्र की स्थिति भी इससे भी ज्यादा खतरनाक है। आहार, खुर्जा, गुलावठी ...
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