बुलंदशहर, नवम्बर 3 -- आज के दौर में महिला श्रमिक भी घर-गृहस्थी की गाड़ी चलाने के लिए पुरुषों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर मजदूरी करने में पीछे नहीं रहती। जिले की महिला श्रमिकों के पास समस्याओं का अंबार है। उनकी स्थिति संतोष जनक नहीं है। पुरुषों की तुलना में महिलाओं के लिए मजदूरी के दायरे सीमित हैं। कृषि कार्यों, निर्माण कार्य, ईंट भट्ठा, मनरेगा को छोड़कर अन्य कार्यों में महिला श्रमिक यदा कदा ही नजर आती हैं। अधिकतर महिलाएं कृषि कार्यों में लगी हुई हैं। जिले में महिला श्रमिकों के लिए काम की ठीक-ठाक संभावनाएं है। महिला श्रमिकों के लिए सरकारी योजनाओं में कोई खास सुविधा नहीं दी जाती है। मजदूरी को लेकर भी उनके साथ भेदभाव किया जाता है। गर्भावस्था या अन्य स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं में उन्हें कोई सहूलियत नहीं मिल पाती है अधिकांश जगहों पर काम नहीं तो द...