बुलंदशहर, जनवरी 19 -- किसी भी राज्य या जनपद के विकास की धुरी ट्रांसपोर्ट को ही माना जाता है। जब ट्रांसपोर्ट का पहिया थमता है तो तेजी से घूमने वाला विकास का पहिया भी थम सा जाता है। जिले में सड़क निर्माण,अनाज,फल-सब्जी व अन्य वस्तुओं की ढुलाई में ट्रांसपोर्टर की अहम भूमिका होती है, लेकिन यहां ट्रांसपोटर्रों के अनुरूप बरक्कत नहीं हो रही है, बल्कि वर्तमान में ट्रकों की पार्किंग, खनन, आरटीओ, पुलिस, बिक्रीकर व अन्य विभागों के दोहन की चुनौतियों के दौर से गुजरना पड़ रहा है, जबकि जनपद की अर्थव्यवस्था ट्रांसपोर्ट व्यवसाय के कंधे पर है। माल की सुविधापूर्वक ढुलाई के लिए ट्रांसपोर्टर दिन-रात लगे रहते हैं ,लेकिन उनके सामने सुविधाओं का अभाव है। ट्रांसपोर्टर वहां ट्रकों को लेकर नहीं जाना चाहते हैं। लेबर शेड, बैंक, पेयजल, शौचालय और सुरक्षा व्यवस्था के कोई ...
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