बिजनौर, मार्च 9 -- जमीन से आसमान तक सशक्त हुई महिला आज भले ही किसी भी कार्य में पुरुषों से पीछे नहीं हैं लेकिन फिर भी उनके सामने ढेरों दुश्वारियों हैं। बाजार में छेड़छाड़ हो या फिर कार्यालयों में मोलेस्टेशन, मनोवैज्ञानिक उत्पीड़न या अनुचित तरीके से परेशान करना आदि। आज भी महिलाएं इन सभी परेशानियों का सामना करने को मजबूर हैं। हां, कुछ हिम्मती महिलाओं द्वारा आवाज उठाने के बाद इस तरह की घटनाओं में कमी जरूर आई है लेकिन पूरी तरह बंद नहीं हुईं। इसके अलावा समाज में महिलाओं के साथ बढ़ते अपराध भी समाज के लिए एक चुनौती बनकर उभर रही है। इन सबसे उबरने के लिए सिर्फ शिक्षा ही ऐसा हथियार है, जिससे बेटी आत्मनिर्भर बनकर अपने रास्ते स्वयं तैयार कर सकती है। घर का काम हो या देश की सरहद आज आधी आबादी पूरी तरह पुरुषों से आगे निकलने को तैयार हैं। बेटियों के लिए श...
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