बिजनौर, जुलाई 14 -- सिंचाई विभाग वर्तमान में अपने अहम पद के कर्मचारी सींचपाल की कमी से जूझ रहा है। विभाग में सींचपालों की कमी के चलते उन पर काम का बोझ बढ़ गया है। सींचपाल को 10 किमी की बजाए 120 किमी तक नहरों का काम देखना पड़ रहा है। इतना लंबा एरिया होने के बाद भी उन्हें बाइक भत्ते की बजाए साइकिल भत्ता दिया जा रहा है। इसके अलावा सींचपालों से उनकी जिम्मेदारी से अलग दायित्व का काम लिया जा रहा है। उनको अक्सर अपने काम के अनुरूप वेतन नहीं मिलता है, जिससे आर्थिक तंगी का सामना करना पड़ता है। मांग है कि सींचपालों के वेतन और भत्ते में वृद्धि करनी चाहिए। कर्मचारियों की संख्या बढ़ानी चाहिए, और काम के बोझ को कम करने के लिए उपाय करने चाहिए। जिले में सिंचाई विभाग के आठ खंड हैं, जिनमें 109 पद सींचपालों के स्वीकृत हैं। 109 पदों के सापेक्ष जिले के सभी सिंचाई...
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