बिजनौर, अप्रैल 14 -- कभी बिजनौर के अमीना बाजार का हैंड मेड लैदर शूज कारोबार जिले की शान व जान होता था। जो धीरे-धीरे सुविधाओं का अभाव कच्चा माल की किल्लत के चलते बंदी के कगार पर पहुंच गया है। माल व ट्रांसपोर्ट की महंगाई ने इस कारोबार को खत्म करने में कोई कसर नहीं छोड़ी। किसी समय पूरा अमीना बाजार जूता कारखानों के लिए मशहूर होता था। करीब 20 कारखाने चलते थे। लैदर शूज कारखानों में करीब 300 कारीगर दिन रात काम करते थे। त्योहारों पर इन कारखानों में महीनों पहले माहौल बन जाता था। चाइनीज व आगरा मेड सस्ते जूतों की भरमार ने बिजनौर लैदर शूज को पूरी तरह से खत्म कर दिया। एक-दो परिवार ही अपनी विरासत संभाले हुए है। वो भी आर्थिक तंगी से जूझ रहे है। कभी बिजनौर का अमीना बाजार हैंड मेड लैदर शूज मार्किट के लिए मशहूर हुआ था। अमीना मार्किट को उस्ताद अमीनुददीन ने आ...
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