बाराबंकी, नवम्बर 3 -- जिले में स्वरोजगार शुरू करने के इच्छुक युवाओं और छोटे उद्यमियों के लिए जिला उद्योग केंद्र उम्मीद का बड़ा सहारा माना जाता है, लेकिन जमीनी हकीकत इससे उलट तस्वीर दिखा रही है। सरकारी योजनाओं के तहत लोन, सब्सिडी और प्रशिक्षण पाने के लिए दूर-दराज़ से आने वाले लोगों को लगातार दफ्तरों के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। आवेदन किए जाने के बाद भी बड़ी संख्या में केस खारिज हो जाते हैं, जिससे आवेदकों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। आवेदन खारिज होने में योजनाओं की शर्तें बेहद जटिल, दस्तावेज़ सत्यापन की धीमी प्रक्रिया, और फाइलें लंबित सहित कई समस्याएं लोगों के लिए मुसीबत बनी हुई हैं। लोगों का कहना है कि यदि पात्रता की शर्तें आसान हों और प्रक्रिया में पारदर्शिता आए, तो ज्यादा से ज्यादा युवा स्व-रोजगार शुरू कर सकेंगे। जबकि ग्रामीण इलाकों से आने वा...