बाराबंकी, नवम्बर 14 -- ग्रामीण इलाकों में संचालित प्राथमिक स्कूलों की स्थिति चिंताजनक है। शिक्षा का अधिकार तो मिला है, लेकिन सुविधाओं के अभाव ने बच्चों के सीखने और खेलने दोनों पर असर डाला है। ग्रामीण क्षेत्रों के कई स्कूलों में अब तक पेयजल की समुचित व्यवस्था नहीं है। शौचालयों की हालत भी बेहद खराब बताई जा रही है, कहीं पानी नहीं, तो कहीं सफाई का अभाव है। खासकर बालिकाओं के लिए यह स्थिति और भी परेशानी भरी है। स्कूलें में खेलकूद को शिक्षा का अहम हिस्सा माना जाता है, लेकिन अधिकांश स्कूलों में खेल मैदान या तो कूड़ा घर में तब्दील हो चुके हैं या वहां नहीं है। खेल सामग्री की कमी है। लोग बताते हैं कि स्कूलों में खेल की सुविधाएं न होने से बच्चे खेल गतिविधियों से दूर हो रहे हैं। गांव के लोगों का कहना है कि जब स्कूलों में मूलभूत सुविधाएं ही नहीं होंगी त...