बाराबंकी, दिसम्बर 6 -- जिला अस्पताल की इमरजेंसी सेवाओं में हिंदुस्तान अखबार की खबर के बाद काफी सुधार देखने को मिला है। जहां अस्पताल प्रशासन ने डॉक्टरों की मौजूदगी, स्ट्रेचर की उपलब्धता, और सफाई व्यवस्था में सुधार किया है, वहीं रात के समय दवाओं की उपलब्धता की समस्या अब भी जस की तस बनी हुई है। इमरजेंसी में आने वाले मरीजों और परिजनों ने बताया कि रात में इलाज के दौरान डॉक्टर दवाओं की पर्ची तो दे देते हैं, लेकिन अस्पताल में दवा न मिलने के कारण उन्हें बाहर से महंगी दवाइयां खरीदने पर मजबूर होना पड़ता है। रात में मेडिकल स्टोर बंद होने पर घंटों भटकना पड़ता है और कई बार मरीज की हालत गंभीर होने तक जरूरी दवा मिल नहीं पाती। लोगों का कहना है कि इमरजेंसी में पहुंचने के बाद डॉक्टरों ने तुरंत इलाज शुरू कर कुछ दवा भी देते हैं लेकिन कई दवाइयां बाहर से लेने को...