बाराबंकी, नवम्बर 22 -- शहर हों या गांव, सड़क हादसों को रोकने के लिए जिम्मेदार विभागों की लापरवाही लगातार भारी पड़ रही है। प्रशासन की ओर से हर साल दुर्घटनाओं के आंकड़े जारी किए जाते हैं, ब्लैक स्पॉट चिन्हित किए जाते हैं, मगर जमीनी स्तर पर पुख्ता इंतजाम न होने से हादसे बदस्तूर जारी हैं। सबसे चिंताजनक पहलू यह है कि इन क्षेत्रों में सुधार की कोई ठोस पहल नहीं दिख रही, जिससे आमजन की जान लगातार जोखिम में पड़ी है। हाईवे हों या शहर की मुख्य सड़कें कई जगहों पर ऐसे ब्लैक स्पॉट चिह्नित हैं जहां हर साल दर्जनों दुर्घटनाएं होती हैं। इन स्थानों पर चेतावनी बोर्ड, स्ट्रीट लाइट, बैरीकेडिंग, कट बंद करने अथवा मोड़ सुरक्षित बनाने जैसी बुनियादी व्यवस्थाएं लगनी चाहिए थीं, लेकिन स्थिति इसके उलट है। अधिकांश ब्लैक स्पॉट कागजों तक सिमटे हैं, जबकि वहां आज भी लोग असुरक्षित ...