बाराबंकी, अगस्त 4 -- बाराबंकी। शहर की तेजी से विकसित होती कॉलोनियों में से एक बड़ेल वार्ड के लोगों को आज भी बुनियादी सुविधाओं के लिए जूझना पड़ रहा है। करीब 8000 से अधिक की आबादी वाली इस कॉलोनी की नींव लगभग 10-12 वर्ष पूर्व रखी गई थी। हालांकि कॉलोनी के प्लॉट्स और मकान व्यवस्थित ढंग से बंटे और बसे, लेकिन विकास के दावे केवल कागजों तक ही सीमित रह गए। कॉलोनी में प्रवेश करते ही टूटी-फूटी सड़कों और जलभराव की स्थिति लोगों की तकलीफ को बयां कर देती है। बरसात में कीचड़ और गंदगी से चलना मुश्किल हो जाता है। बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों को खासा दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। वार्ड की नालियों की हालत बेहद खराब है। अधिकतर नालियां टूटी हैं और नियमित सफाई न होने से गंदा पानी बहकर सड़कों पर फैल जाता है। कहीं-कहीं तो नालियों पर ढक्कन ही नहीं हैं जिससे गिरने का ख...