बाराबंकी, जनवरी 10 -- शहर से लेकर ग्रामीण इलाकों तक आवारा कुत्तों और बंदरों का आतंक थमने का नाम नहीं ले रहा है। सड़कों, गलियों और बाजारों में झुंड के रूप में घूमते कुत्तों के कारण आम लोगों का पैदल चलना तक मुश्किल हो गया है। खासकर सुबह और शाम के समय राहगीरों, बच्चों, बुजुर्गों और दोपहिया वाहन चालकों को सबसे ज्यादा परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीण क्षेत्रों में भी हालात चिंताजनक बने हुए हैं। बंदरों के झुंड घरों में घुसकर खाद्य सामग्री उठा ले जाते हैं, फसलों को नुकसान पहुंचा रहे हैं और लोगों पर अचानक हमला कर दे रहे हैं। वहीं शहर में आवारा कुत्तों के काटने की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं, जिससे लोग दहशत के माहौल में जीने को मजबूर हैं। लोगों का कहना है कि कई बार शिकायत करने के बावजूद जिम्मेदार विभागों की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नहीं की जा रह...