बाराबंकी, नवम्बर 21 -- कौशल विकास मिशन के तहतविभिन्न ट्रेडों में प्रशिक्षण देकर युवाओं को रोजगार के अवसर बढ़ाने का उद्देश्य है, लेकिन कुछ कमियां इस पहल को कमजोर कर रही हैं। प्रशिक्षण पूरा करने के बाद युवा नौकरी की तलाश में भटकने को मजबूर हैं। प्रशिक्षण केंद्रों में उनको तकनीकी और व्यावहारिक ज्ञान तो दिया जा रहा है, लेकिन प्लेसमेंट की सुविधा मजबूत न होने से उन्हें कंपनियों से जोड़ने में दिक्कतें आ रही हैं। कई युवाओं का कहना है कि प्रशिक्षण के बाद उन्हें मार्गदर्शन, काउंसलिंग और नौकरी की जानकारी नहीं मिल पाती, इससे उन्हें निजी संस्थानों और एजेंटों के चक्कर काटने पड़ते हैं। युवाओं की मांग है कि कौशल विकास मिशन के अंतर्गत प्लेसमेंट सेल को मजबूत किया जाए, कंपनियों से नियमित कैंप लगवाए जाएं और प्रशिक्षित युवाओं को नौकरी की गारंटी जैसी सुविधा उपलब्...