बाराबंकी, नवम्बर 24 -- छुट्टा जानवरों की समस्या गांवों से निकलकर शहरों तक फैल चुकी है। खेतों में फसलें बर्बाद करने वाले आवारा पशु अब तहसील रामनगर, सिरौलीगौसपुर, हैदरगढ़, सिद्धौर, सुबेहा, निंदूरा के अलावा शहर की सड़कों पर भी दुर्घटना का सबब बने हुए हैं। आलम यह है कि सुबह-शाम सड़क और गलियों में जानवरों का झुंड घूमते हुए आसानी से देखे जा सकते हैं, जिससे आमजन का निकलना मुश्किल हो गया है। किसानों का कहना है कि वे दिन-रात खेतों की चौकीदारी करने को मजबूर हैं। रात में खेतों की रखवाली के बाद भी फसलों को बचाना मुश्किल हो रहा है। गेहूं, सरसों, चना, आलू सहित दूसरी फसलें छुट्टा मवेशियों के चलते पूरी तरह खतरे में हैं। कई किसान तो एक साल की कमाई गंवाने की कगार पर हैं। छुटटा मवेशियों व आवारा कुत्ते की वजह से शहरों में हादसे बढ़ रहे हैं। मोटरसाइकिल सवारों का ...
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