बाराबंकी, मई 5 -- बाराबंकी। जिला अस्पताल में एम्बुलेंस सेवा की भी कमी है। सरकारी रिकॉर्ड में भले ही कई एंबुलेंस दर्ज हों, लेकिन हकीकत यह है कि अधिकतर समय पर उपलब्ध नहीं रहतीं। गंभीर मरीजों को एक अस्पताल से दूसरे अस्पताल तक रेफर करने की स्थिति में परिजन निजी साधनों का सहारा लेने पर मजबूर हो जाते हैं। एम्बुलेंस आने में काफी समय लग जाता है या फिर मरीजों को यह कहकर मना कर दिया जाता है कि ड्राइवर छुट्टी पर है या फ्यूल नहीं है। गांव से आए मरीजों के लिए यह स्थिति और भी चुनौतीपूर्ण हो जाती है, जहां सरकारी साधन की सबसे अधिक आवश्यकता होती है। कई बार प्रसव पीड़ित महिलाएं भी ऑटो या ठेले पर लादकर अस्पताल लाई जाती हैं। व्हीलचेयर और स्ट्रेचर, जरूरतमंदों के लिए कमी:जिला अस्पताल में आने वाले गंभीर और वृद्ध मरीजों के लिए व्हीलचेयर और स्ट्रेचर की संख्या बेहद...
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