बांदा, फरवरी 27 -- बांदा। अधिवक्ता सुबह से हर पीड़ित को न्याय दिलवाने में मदद करते हैं। सुबह से ही बस्ता लेकर कचहरी पहुंच जाते हैं। यहां दिन भर क्लाइंट की फाइल तैयार कर उसको न्याय दिलवाने के लिए कोर्ट में पैरवी करते हैं, लेकिन हमारी समस्याओं पर जिम्मेदार मुंह मोड़े रहते हैं। पेशे के लिहाज से कई बार किसी की पैरवी की सूरत में पैसे के साथ रंजिशें भी मिलती हैं लेकिन सुरक्षा सिफर है। पेशे की नजाकत को देखते हुए अधिवक्ताओं को शस्त्र लाइसेंस आसान प्रक्रिया से दिलवाए जाएं। कचहरी में गंदगी, पार्किंग जैसी व्याप्त समस्याओं से छुटकारा दिलाया जाना चाहिए। कुछ इस तरह का दर्द अधिवक्ताओं ने आपके अपने अखबार 'हिन्दुस्तान से बयां किया। जिला अधिवक्ता संघ के महासचिव मनोज निगम लाला, वरिष्ठ अधिवक्ता रामकिशोर त्रिपाठी, रमाकांत पाण्डेय, महिला अधिवक्ता हेमलता ने कहा क...
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