बांदा, फरवरी 27 -- बांदा। चित्रकूटधाम परिक्षेत्र के बांदा डिपो में 116 बसें हैं। इनमें 95 कानपुर, दिल्ली, आगरा, फतेहपुर, लखनऊ, हमीरपुर, चित्रकूट, प्रयागराज, अयोध्या आदि रूट पर संचालित होती हैं। 21 बसें कंडम होने से डिपो में खड़ी हैं। 456 चालक-परिचालक डिपो में कार्यरत हैं। ज्यादातर चालक-परिचालक संविदा और आउटसोर्सिंग पर हैं। आपके अपने अखबार 'हिन्दुस्तान' के साथ बातचीत में उनकी समस्याएं बेबसी के रूप में सामने आईं। तेज प्रताप और शुभम शुक्ला का कहना है कि रोडवेज की नौकरी बेबसी में कर रहे हैं। अगर अन्य रोजगार का कोई इंतजाम हो जाए तो अलविदा कह देंगे। विभाग के अफसर समस्याओं को सुनने के बजाए आंखें दिखाते हैं। एक रूट की बसें ले जाने के बाद चालक-परिचालक को पर्याप्त आराम नहीं मिल पाता है। थकाऊ ड्यूटी, लंबी दूरी, तनाव समेत ऐसे कारण हैं, जिनसे सामाजिक ह...
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