बहराइच, मई 4 -- बहराइच। तराई में बड़े पैमाने पर महिलाएं स्वरोजगार से जुड़ी हुई हैं। महिलाएं सिलाई, कढ़ाई, बुनाई तक सीमित नहीं रहना चाहती हैं, बल्कि रूढ़िवादी परम्पराओं की बेड़ियां तोड़कर पुरुषों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर चलने को तैयार हैं, लेकिन अपने पैरों पर खड़ी महिलाओं को कई चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। स्वरोजगार से जुड़ी महिलाओं का कहना है कि सभी तरह के कारोबारों की जानकारी का अभाव आड़े आ रहा है। इसके अलावा पूंजी और बुनियादी ढांचा की बड़ी कमी है। उत्पादों को बाजार में कैसे पहुंचाया जाए और बेचा जाए, यह एक बड़ी चुनौती है। समय-समय पर नई तकनीकों और आधुनिक उपकरणों का उपयोग कैसे करें, इसका अभाव है। पर्याप्त बुनियादी ढांचे जैसे कि बिजली, पानी, और परिवहन की कमी से उत्पादन और वितरण में बाधा आती है। छोटे उद्योगों को कुशलता से प्रबंधित क...
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