बहराइच, जनवरी 16 -- नियोजित तरीके से शहर की बसावट न होने, आबादी इलाका बढ़ने तीन चार दशक पूर्व बने बाईपास के दोनों ओर आबादी बस गई है। नतीजतन वह बाईपास न रहकर आबादी रूट ज्यादा नजर आते हैं। वाहनों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। इनमें बाइक, स्कूटी के बाद ई रिक्शा भारी संख्या में बढ़े हैं। शहर हो या हाईवे ई रिक्शा लाइन नहीं टूटती। सड़कों पर भोर होते ही वाहनों का भारी दवाब हो रहा है। शहर व हाईवे पर जाम का झाम खत्म नहीं हो रहा। इसकी एक वजह सड़क की पटरियों पर अतिक्रमण के अलावा बेतहाशा ई रिक्शा का सैलाब एक बड़ी वजह बना हुआ है तो वाहनों की बढ़ती समस्या भी एक वजह है। शहर का चाहे आसाम हाईवे का मल्हीपुर चौराहा हो या उससे आगे भिनगा चौराहा, दरगाह रूट पर छावनी चौराहा हो या चांदपुरा चौराहा, डिगिहा तिराहा से रोडवेज रूट पर गुरु नानक चौराहा, सिविल लाइन पानी ट...