बहराइच, जुलाई 31 -- बेहतरीन कॅरियर का सपना देखने वाले छात्र-छात्राओं के लिए प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी आसान नहीं है, खासकर छोटे जिलों में। यहां के कोचिंग सेंटरों में महानगरों जैसी सुविधाओं की जरूरत है। ये सुविधाएं उन विद्यार्थियों के लिए महत्वपूर्ण होते हैं, जो किन्हीं कारणों से महानगर पढ़ाई करने नहीं जा पाते। आकांक्षात्मक जिले बहराइच में भी यही स्थिति है। यहां सरकारी कोचिंग अभ्युदय है लेकिन सभी की उम्मीदें वहां पूरी नहीं हो पातीं। छात्र-छात्राओं की इच्छा है कि निजी कोचिंग सेंटरों की तरह अभ्युदय में सुविधाएं बढ़ें। डिजिटल लाइब्रेरियों की व्यवस्था की जाए। शहर समेत जिले के अलग-अलग क्षेत्रों में चार कोचिंग सेंटर चल रहे हैं। जहां सुविधाओं के नाम पर क्लास रूम है। सीमित संसाधनों में छात्र-छात्राओं को प्रतियोगी परीक्षाओं के लायक बनाने का प्रय...
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