बहराइच, अगस्त 28 -- जिले में 12 नगरीय स्वास्थ्य केंद्र (शहरी प्राथिमक स्वास्थ्य केन्द्र/हेल्थ वेलनेस सेंटर) संचालित किए जा रहे हैं। ये स्वास्थ्य केंद्र मरीजों से ज्यादा खुद बीमार हैं, जिससे मरीज लंबी दूरी तय कर जिला मुख्यालय इलाज कराने पहुंच रहे हैं। इनमें कई भवन किराए पर चल रहे हैं। वर्षों से भवनों की मरम्मत नहीं हुई है, जिससे अपना अस्तित्व खोते जा रहे हैं। स्वास्थ्य केंद्रों में साफ-सफाई का अभाव है। जितने डॉक्टर, पैरामेडिकल स्टाफ व अन्य कर्मचारी होने चाहिए, उतने नहीं हैं। मरीजों को सिर्फ नाम मात्र की स्वास्थ्य सेवाएं मिल रही हैं। इनके न तो खुलने का समय है और न ही बंद होने का। इमरजेंसी सेवाएं लोगों को नहीं मिल रही हैं। जरूरी दवाओं का टोटा अक्सर बना रहता है। खांसी, सर्दी, जुकाम व बुखार की ही दवा मरीजों को मिल पाती है। चार-पांच जांचें ही ह...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.