बलरामपुर, जुलाई 11 -- गैसड़ी, संवाददाता। सोहेलवा की तलहटी स्थित चित्तौड़गढ़ जलाशय किसानों की सिंचाई का एकमात्र साधन है। जलाशय पर्यटक स्थल का सपना संजोए है। 1997 में तत्कालीन मुख्यमंत्री कल्याण सिंह ने इसका शिलान्यास किया था, जिससे पर्यटन स्थल का दर्जा मिलने से इस क्षेत्र का विकास हो सके। अब यह जलाशय सिल्ट जमा होने के कारण दिखावा बनकर रह गया है। नहर के टेल तक पानी नहीं पहुंचता है। फसलों की सिंचाई नहीं हो पा रही है। भारत नेपाल सीमा के अंतर्गत हिमालय की तलहटी के शिवालिक में प्रकृति का मनोहारी दृश्य देखना हो तो जिला मुख्यालय बलरामपुर से मात्र 40 किलोमीटर की दूरी तय करनी होगी। यहां शरद ऋतु में साइबेरिन पक्षी प्रवास पर आते हैं जिससे जलाशय की शोभा और बढ़ जाती है। इस जलाशय में प्रतिवर्ष जनवरी से जून तक प्रवासी पक्षियों का डेरा बना रहता है। दुर्लभ प्र...
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