बरेली, मार्च 7 -- परिषदीय स्कूलों में छात्रों की उपस्थिति बढ़ाने के लिए मिड डे मील योजना को शुरू किया गया था। मिड डे मील बनाने के लिए रसोइयों को तैनात किया गया। एक तरह से देखा जाए तो यह स्कूली व्यवस्था की एक महत्वपूर्ण कड़ी हैं। उसके बाद भी इनको केवल दो हजार रुपये मासिक मानदेय ही दिया जाता है। यह भी कभी समय से नहीं आता है। रसोईया वर्ष के 11 महीने काम करते हैं मगर उनका मानदेय सिर्फ 10 महीने का ही मिलता है। रसोइयों की मांग है कि मानदेय बढ़ाने के साथ ही उनके लिए स्वास्थ्य और जीवन बीमा योजना लागू की जाए। परिषदीय स्कूलों में मिड डे मील बनाने के लिए रसोइए तैनात किये गए हैं। इनकी नियुक्ति छात्र संख्या के आधार पर होती है। एक से 25 तक छात्र संख्या होने पर एक रसोइया तैनात किया जाता है। छात्र संख्या 26 से लेकर 100 तक होने की स्थिति में दो रसोइयों की ...