बरेली, अप्रैल 9 -- अमेरिका द्वारा भारत से आयातित बासमती चावल पर 26 प्रतिशत टैरिफ लगाए जाने का सीधा असर बरेली के चावल उद्योग पर पड़ने की संभावना है। चावल उत्पादन केंद्रों से होने वाले निर्यात में वृद्धि की उम्मीदों को यह नीति नुकसान पहुंचा सकती है। चावल कारोबारियों का मानना है कि इससे निर्यात लागत बढ़ेगी, जिससे अमेरिकी बाजार में भारतीय चावल की डिमांड में कमी आ सकती है। यह स्थिति किसानों, राइस मिलर्स और निर्यातकों के लिए चिंता का विषय बन सकती है, क्योंकि पहले से ही चावल का बाजार मंदी का सामना कर रहा है। इस बदलाव से निपटने के लिए सरकार से राहत पैकेज और उचित नीति समर्थन की उम्मीद जताई जा रही है, ताकि उद्योग की स्थिरता बनी रहे और नुकसान की भरपाई हो सके। बरेली से बाहर ज्यादातर बासमती चावल का निर्यात किया जाता है। इनकी तीन वैरायटी हैं। इनमें कॉम...
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