बरेली, फरवरी 15 -- कुम्हार समाज कई गंभीर समस्याओं से घिरा है, जो उनके पारंपरिक कामकाजी जीवन को कठिन बना रही है। सबसे बड़ी समस्या मिट्टी की कमी है। गांव-देहात से मिट्टी लाने पर पुलिसवालों द्वारा जबरन वसूली की जाती है, जिससे आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता है। इलेक्ट्रिक चाक की कमी और बाजार में मिट्टी के सामान के उचित दाम न मिलने से इनका जीवनयापन कठिन हो गया है। इन समस्याओं का समाधान कुम्हारों के सामाजिक और आर्थिक उत्थान के लिए जरूरी है, ताकि उनकी कला और मेहनत का सही सम्मान मिल सके। कुम्हार समाज हमारी संस्कृति का अभिन्न हिस्सा है लेकिन आज के आधुनिक युग में यह पारंपरिक कला कई चुनौतियों का सामना कर रही है। इनके सामने सबसे बड़ी समस्या मिट्टी की है। शहरी क्षेत्र में बर्तन आदि बनाने लायक मिट्टी मिलती नहीं है और देहात से लाने पर रास्ते में पुलिसकर्मी ज...
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