फिरोजाबाद, जनवरी 27 -- बैंक कर्मचारी विभिन्न लंबित मांगों को लेकर मुखर हैं। केंद्र सरकार मांगें निस्तारित करने के बजाय कोरे आश्वासन देकर टालमटोल करती आ रही है। जिसे लेकर अब कर्मचारियों में रोष पनपने लगा है। हिन्दुस्तान के बोले फिरोजाबाद में बैंक कर्मचारियों ने कहा कि अब अनदेखी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सप्ताह में पांच दिवसीय कार्य के अलावा निजीकरण, सालों से भर्ती नहीं होने, बट्टे खाते में डाले गए ऋण की वसूली, बड़े बकाएदारों के खिलाफ सख्त अभियान चलाए जाने की मांग वर्षों से लंबित चली आ रही है। इनको लेकर इससे पहले भी धरना प्रदर्शन, रैली और ट्विटर अभियान के माध्यम से अपनी मांगों को पूरा कराने का आग्रह किया, लेकिन सरकार अपनी जिद पर अड़ी हुई है। कर्मचारियों का कहना है कि बैंकिंग क्षेत्र लंबे समय से अत्यधिक कार्य दबाव, स्टाफ की कमी और कार्य जीवन संत...