फिरोजाबाद, सितम्बर 20 -- शिकोहाबाद की समस्याओं को लेकर इनकी यह चिंता गलत भी नहीं। स्कूल में कभी यातायात संबंधी गोष्ठी होती है तो स्वच्छता का पाठ तो हर रोज पढ़ते हैं। पढ़े-लिखे हैं तो स्वच्छता के नारे भी भली भांति पढ़ने में सक्षम हैं तो जनप्रतिनिधियों द्वारा दिए गए भाषणों का भी अर्थ समझते हैं। इस सबके बीच जब यह घर से स्कूल के लिए निकलते हैं या फिर स्कूल से घर लौटते हैं तो नगर में कई जगह पर हालात उससे इतर दिखाई देते हैं, जो इन्हें समझाया जाता है या फिर जो यह सोशल मीडिया पर सुनते हैं। फुटपाथों पर सफाई नहीं होती है तो यातायात के नियमों का पालन न करने वालों के कारण लगने वाले जाम में फंस जाते हैं। इस स्थिति में इनका यह दर्द जायज भी है, क्योंकि यह एक तरफ संस्कार एवं सामाजिकता सीख रहे हैं तो समाज में आने पर इन्हें वह हकीकत में देखने को ही नहीं मिलती...
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