फिरोजाबाद, दिसम्बर 4 -- फिरोजाबाद में श्रमिक बस्तियों की कमी नहीं है। हर क्षेत्र में यह श्रमिक बस्तियां बसी दिखाई देती हैं। जहां रहते हैं श्रमिक परिवार। इन परिवारों में महिलाओं की शिक्षा का स्तर भी ज्यादा ठीक नहीं है। इसके चलते सामान्य नौकरियों में भी यह पीछे रह जाती हैं, लेकिन इनमें भी है कुछ कर गुजरने का जज्बा। यही वजह है कि इन क्षेत्रों में रहने वाली यह महिलाएं खुद हुनरमंद बनना चाहती हैं, ताकि सिलाई जैसे रोजगार शुरू कर खुद को आत्मनिर्भर बना सकें एवं परिवार की आर्थिक मदद कर सकें। एसआर ग्रुप ऑफ फैशन डिजाइनिंग आर्य नगर पर सिलाई प्रशिक्षण के लिए फॉर्म भरने आने वाली महिलाओं एवं युवतियों से संवाद किया तो उनके चेहरे पर दिखाई दिए उनके ख्वाब। जिनमें था आगे बढ़ने का ख्वाब। भले ही इनमें से कइयों की शिक्षा कम थी, लेकिन जज्बा कहीं ज्यादा बड़ा। कई तो ...
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