फिरोजाबाद, अगस्त 6 -- फिरोजाबाद। बचपन में मां के दूध का नियमित छह वर्ष तक सेवन करने वाले बच्चे शारीरिक स्वास्थ्य के रूप में उन बच्चों से बेहतर होते हैं, जो छह माह में ही गाय या भैंस के ऊपरी दूध का सेवन करते हैं। आज चिकित्सा जगत भी इस बात को मानता है कि मां का दूध बच्चों के लिए काफी लाभदायक है। इधर दूसरी तरफ आधुनिक होते समाज में बच्चे मां के दूध का नियमित सेवन ही नहीं कर पा रहे हैं। इस स्थिति में स्तनपान को लेकर भी विशेष कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है ताकि महिलाओं को समझाया जा सके कि मां का दूध बच्चों के लिए कितना जरूरी है। चिकित्सक भी अपने यहां आने वाली महिलाओं एवं गर्भवतियों को स्तनपान का महत्व समझाते हैं। हिन्दुस्तान के बोले फिरोजाबाद के तहत जिला अस्पताल में वरिष्ठ बाल रोग चिकित्सकों सहित अन्य चिकित्सकों से जब इस पर संवाद किया तो स...
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