फिरोजाबाद, जुलाई 26 -- वक्त बदल रहा है। पहले शादी से पहले हल्दी की रस्म अदायगी होती थी, लेकिन वो सिर्फ हल्दी तक सीमित थी। युवाओं की भी उसमें रुचि नहीं थी, लेकिन बदलते दौर में हल्दी एवं मेहंदी की रस्म भी इवेंट बन गई। इससे दूर रहने वाले युवा भी अब खासे उत्साहित रहते हैं। भाई, बहन, भाभी ही नहीं, दोस्त एवं सहेलियां भी पीले वस्त्रों में नजर आते हैं। अगर वास्तविकता में देखें तो हरियाली तीज के इस पारंपरिक त्योहार ने भी इसी तरह से अपना स्वरूप भी बदला है। पहले जो उल्लास गांव देहात में दिखाई देता था, आज वही उल्लास सामूहिक आयोजनों में दिखाई देता है। हरियाली तीज पर हिन्दुस्तान के बोले फिरोजाबाद के तहत सुहाग नगर स्थित एक पार्क में कांची क्लब एवं महिला यूथ क्लब से जुड़ी महिलाओं से संवाद किया तो उन्होंने कहा कि पर्व का स्वरूप बदला है। इसकी वजह भी है कि क...
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