फिरोजाबाद, अप्रैल 18 -- अगरू का पुरा...। यमुना की तलहटी में बसे ये गांव वैसे तो अपनी खूबसूरती और शीतलता के लिए जाना जाता है, लेकिन इस गांव के खेत कब सुलगने लगें, इसके बारे में कुछ कहा नहीं जा सकता है। चौंकिए नहीं... गांव के खेतों के ऊपर से गुजरने वाले बिजली के तार यहां कभी भी सूखी फसलों पर गिर जाते हैं और किसान की मेहनत को जलाकर राख कर देते हैं। हिन्दुस्तान के बोले फिरोजाबाद अभियान के तहत जब यहां के ग्रामीणों से बात की गई तो उनका दर्द छलक उठा। सभी ने एक स्वर में कहा कि हजारों बार शिकायत करने के बाद भी बिजली विभाग के अधिकारी सुनने को तैयार नहीं हैं। गांव में ऐसा कोई भी किसान नहीं है जो बिजली के तारों से हुए हादसों का पीड़ित न हो, लेकिन अधिकारियों ने कभी भी सुध नहीं ली। बिजली के बिना जिंदगी अधूरी है। मौसम की बदलती मार हो या फिर सूखते हुए रज...
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