फिरोजाबाद, अगस्त 26 -- एनसीसी कैडेट्स के अंदर आगे बढ़ने का भाव भी ड्रिल से पैदा होता है, लेकिन इसमें होड़ से ज्यादा होती है प्रतस्पिर्धा का एक भाव। खुद को दूसरे से बेहतर बनाने का जज्बा। इस्लामियां इंटर कॉलेज परिसर में ही एक तरफ बनी ओटी में जब छात्रों को उनके कैप्टन के नर्दिेशन में प्रशक्षिण लेते हुए देखते हैं तो जुबां से तारीफ खुद-ब-खुद निकल जाती है। कई फुट ऊंची लोहे की बाधा को दौड़कर कूदते हुए पार करते वक्त किसी के भी कदम नहीं डगमगाते हैं तो इसके बाद जमीन से दो-तीन फुट ऊंची मात्र कुछ इंच की लोहे की एंगल पर इनके दौड़ते कदम इनके प्रशक्षिण को बयां करते हैं। इसके बाद में पांच से छह फुट ऊंची लोहे की रेलिंग पर चढ़कर कूदते हुए भी इनकी रफ्तार नहीं थमती तो आगे ईंटों की दीवार को भी झटके में पार कर जाते हैं। एनसीसी की यह ड्रिल वास्तव में इन छात्रों को श...
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