फर्रुखाबाद कन्नौज, मई 29 -- भारतेंदु नाट्य अकादमी की ओर से दस दिवसीय रंग पाठशाला ने नए आयाम गढ़ने का काम किया है। छोटे-छोटे बच्चों को रामलीला के पात्र का अभिनय सिखाने का जो कार्य किया गया है उससे बच्चों में एक नए उत्साह का भाव भी पैदा हुआ। रंग पाठशाला किसी साधारण नाट्य कार्यशाला की तरह नहीं थी। इसे एक अध्यात्मिक यज्ञ की तरह महसूस किया गया। यहां पर बच्चों ने अभिनय के माध्यम से स्वयं को गढ़ने का काम किया। मंच के माध्यम से भारतीय संस्कृति से जुड़ने का भी काम किया गया। इस कार्यशाला में कई स्कूलों के छात्र छात्राओं की भागीदारी रही। उन्हें अभिनय के साथ भारतीय नाट्य शास्त्र की विभिन्न विधाओं से परिचय कराया गया। आपके अपने अखबार 'हिन्दुस्तान से चर्चा के दौरान प्रशिक्षणार्थी नैतिक दीक्षित ने बताया कि नाट्य अभ्यास के लिए अपने शहर में कोई स्थान उपलब्ध ...
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