फतेहपुर, फरवरी 20 -- फतेहपुर। शहर में धड़ल्ले से दौड़ रहे ऑटो, टेंपो और ई-रिक्शा निजी बस संचालकों की कमर तोड़ रहे हैं। निजी बस ऑपरेटर विकास शुक्ला कहते हैं कि मुख्यालय में निजी बसों के निर्धारित 12 रूटों पर ई-रिक्शा, ऑटो और टेंपो बसों के आगे-पीछे चलकर सवारियां भर लेते हैं। जिनसे निजी बसों को ही सवारियां नहीं मिल पाती हैं। ई-रिक्शा को संपर्क मार्गों पर चलने की इजाजत है लेकिन ये किसी भी रूट पर कितने ही किलोमीटर चलते देखे जाते हैं। सवारियां घटने से निजी बसों की संख्या भी सड़कों पर घटती जा रही है। शहर में करीब साढ़े तीन हजार ई-रिक्शा और दो हजार तक ऑटो-टेंपो हैं। बसों के परमिट मात्र 331। इनमें से भी 110 परमिट सरेंडर हो चुके हैं। मोहन पांडेय बताते हैं 221 बसें विभिन्न 12 रूटों पर दौड़ रही हैं। लेकिन अराजकता के कारण सभी घाटे में चल रही हैं। ड्राइवर और...
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