गंगापार, सितम्बर 8 -- मऊआइमा सोरांव और फूलपुर तहसील समेत पूरे प्रदेश के आलू किसानों के लिए यह सीजन आर्थिक रूप से चुनौतीपूर्ण साबित हो रहा है। गोला और जी-फोर जैसी प्रमुख प्रजातियों की बोआई से लेकर कोल्ड स्टोरेज तक पहुंचाने की कुल लागत जहां 1200 से 1300 प्रति क्विंटल के बीच बैठ रही है, वहीं बाजार में इनका भाव 750 से 1100 तक ही सीमित है। ऐसे में किसानों को भारी घाटा उठाना पड़ रहा है। उत्पादन लागत में लगातार बढ़ोतरी, स्टोरेज शुल्क और परिवहन व्यय के कारण कुल खर्च काफी अधिक हो गया है। यही वजह है कि जब तक आलू का भाव ठीक-ठाक नहीं बढ़ेगा किसानों को नुकसान की भरपाई कर पाना मुश्किल ही होगा। अब किसानों को सितंबर में बारिश बढ़ने और सब्जियों की आपूर्ति घटने और नई बोआई में देरी होने से ही आलू के दाम सुधार की उम्मीद है। ऐसा न हुआ तो किसानों को चौतरफा मार...
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